भारत के नाम हमारी कलम : आज़ादी की कहानी, फ़िल्मों की ज़ुबानी
सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है, देखना है ज़ोर कितना बाज़ू-ए-कातिल में है।वक़्त आने पर बता देंगे तुझे ऐ आसमाँ, हम अभी से क्या बताएँ क्या हमारे दिल में है।
Culture
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15
Aug 2026 6:42 PM
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